छत्तीसगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान को मिली बड़ी सफलता, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा सुरक्षा का संदेश

रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए साइबर जागृति अभियान को बड़ी सफलता मिली है। सात सप्ताह तक चले इस अभियान के दौरान प्रदेश में 5 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और करीब 1.70 करोड़ लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना जरूरी है। अभियान का समापन हुआ है, लेकिन जागरूकता की यह मुहिम लगातार जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए आम नागरिकों की भागीदारी को जरूरी बताया।
5 लाख से अधिक कार्यक्रम, सोशल मीडिया पर 6.02 करोड़ व्यूज
छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया। प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों के समन्वय से आयोजित इस अभियान में डिजिटल सुरक्षा, यूपीआई धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार के नाम पर ठगी और डेटा गोपनीयता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया।

अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम हुए और 5 लाख से ज्यादा सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी दर्ज की गई।
सोशल मीडिया पर भी अभियान का व्यापक प्रचार किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप के जरिए 3,100 से अधिक पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले।
OTP और पासवर्ड साझा करने से बचें
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि डिजिटल सुविधाओं ने आम लोगों का जीवन आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी के नए खतरे भी बढ़े हैं। तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग भी कई बार ठगों के जाल में फंस जाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी होनी चाहिए।

अभियान के दौरान लोगों को ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने और फर्जी निवेश योजनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई। साथ ही डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों से होने वाली ठगी के प्रति भी जागरूक किया गया।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर भी कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत में दुनिया के डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत होता है। डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर सुरक्षा भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस जागरूकता अभियान के साथ साइबर अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, इन प्रयासों से साइबर अपराध से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी की रकम की रिकवरी दर में भी वृद्धि हुई है।
ट्रैफिक हैकाथॉन में युवाओं ने दिए स्मार्ट ट्रैफिक के सुझाव
कार्यक्रम में ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। ओवरऑल विजेता कार्तिकेय पंत ने रायपुर के शंकर नगर टर्निंग पॉइंट पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ‘टैक्टिकल अर्बनिज्म’ आधारित मॉडल प्रस्तुत किया।
हैकाथॉन में युवाओं ने टाटीबंध चौक, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, आमापारा चौक और लोधीपारा चौक जैसे प्रमुख स्थानों की यातायात समस्याओं का अध्ययन कर समाधान सुझाए। इनमें बेहतर पार्किंग व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते, स्पष्ट लेन मार्किंग और सार्वजनिक परिवहन के बेहतर एकीकरण जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
युवाओं ने एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के सुझाव भी दिए। प्रस्तावित ‘रायपुर नेत्र’ और ‘दृष्टि’ परियोजनाओं के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान, जाम की पूर्व सूचना और एम्बुलेंस व अग्निशमन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने जैसी संभावनाएं सामने रखी गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
दूरस्थ क्षेत्रों में 100 से अधिक बसों का संचालन
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवहन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसें संचालित हो रही हैं, जहां पहले आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, रायपुर महापौर मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।



